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UP कैबिनेट : लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में Police Commissioner, लखनऊ में सुजीत पांडेय और नोएडा में आलोक सिंह*
January 15, 2020 • A.K.SINGH

लखनऊ - गौतमबुद्धनगर में कमिश्नर प्रणाली का प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में पास हुआ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रस्ताव पास ।...

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक में लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में पुलिस कमिश्नर प्रणाली का प्रस्ताव पास हो गया है। लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर मुहर लग गई है। इसके साथ ही छह अन्य प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है।
कैबिनेट की बैठक के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मीडिया को संबोधित किया। इससे पहले कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह तथा श्रीकांत शर्मा मीडिया को कैबिनेट के फैसले की ब्रीफिंग करते थे। लखनऊ में एडीजी सुजीत पांडेय और गौतमबुद्धनगर में एडीजी आलोक सिंह पहले पुलिस कमिश्नर होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की दृष्टि से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार ने बेहतर पुलिसिंग के लिए बड़ा तथा बढिय़ा कदम उठाया है। लम्बे समय से उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए इसकी मांग की जा रही थी। उसको पूरा किया गया है। आज के समय में लखनऊ में करीब 40 लाख तथा गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में करीब 25 लाख के आसपास की आबादी है। लखनऊ में अभी तक कुल 40 थाना हैं। अब लखनऊ में पुलिस आयुक्त प्रणाली होगी। जिसमे एडीजी रैंक के अफसर पुलिस कमिश्नर होंगे। प्रदेश मे आयुक्त प्रणाली मेट्रोपॉलिटन सिटी में लागू होगी। इसके साथ ही दोनों जगह पर महिला एसपी रैंक की अधिकारी को अलग से नियुक्ति दी जाएगी। जिससे महिलाओ की सुरक्षा के लिए अलग से काम हो सके। उनके साथ एएसपी रहंक की अधिकारी भी रहेंगी। लखनऊ तथा गौतमबुद्धनगर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एसपी तथा एएसपी रैंक के अधिकारी तैनात होंगे। जिससे यातायात की व्यवस्था मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने यूपी पुलिस में सुधार का सबसे बड़ा कदम उठाया है। पिछले 50 वर्ष में बेहतर पुलिसिंग के साथ ही साथ मजबूत कानून व्यवस्था के लिए इस प्रणाली की मांग हो रही थी। हमने लखनऊ तथा नोएडा में आयुक्त प्रणाली को लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि दस लाख से अधिक की आबादी वाले महानगरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने की जरूरत थी। राजनीतिक उदासीनता की वजह से यह नहीं किया गया। प्रदेश में महिला अपराधों पर त्वरित कार्यवाही हो। हमने महिला एसपी और महिला एडिशनल एसपी को तैनाती दी है।
मा० @myogiadityanath जी ने आज लखनऊ एवं नॉएडा में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक घोषणा की है. आपके इस निर्णय से जहाँ सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था कि स्थिति बेहतर होगी, वहीँ स्मार्ट पुलिसिंग को भी बल मिलेगा. उत्तर प्रदेश पुलिस आपके विश्वास के लिए आभारी है.
— DGP UP (@dgpup) 
उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे के लिए उम्मीद से ज्यादा देने वाला फैसला है। यह फैसला जनता के हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है। आम आदमी के लिए त्वरित न्याय, आम लोगों के दरवाजे पर ही मुहैया होगा। लगातार बेहतर हो रही कानून व्यवस्था को और और बेहतर करने में सरकार का बड़ा फैसला है। पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेट पावर भी होंगे। पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेट के साथ 15 और शक्तियां दी जा रही हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों डिप्टी सीएम, सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, डीजीपी ओपी सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी तथा निदेशक सूचना शिशिर सिंह भी मौजूद थे।
*आइए जानें इस कमिश्नर प्रणाली से पुलिस को क्या अधिकार और मिलेंगे*
पहले पुलिस पर नियंत्रण के अधिकार डीएम के पास थे।
डीएम के कुछ अधिकार पुलिस कमिश्नर को मिलेंगे।
20 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के लिए कमिश्नर सिस्टम लागू करने का सुझाव
भारतीय पुलिस अधिनियम 1861 के भाग 4 के अंतर्गत जिलाधिकारी यानी डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट के पास पुलिस पर नियत्रंण के अधिकार भी होते हैं।
इस पद पर आसीन अधिकारी IAS होता है, लेकिन पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो जाने के बाद ये अधिकार पुलिस अफसर को मिल जाते हैं, जो एक IPS होता है
पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में IPC और CRPC के कई महत्वपूर्ण अधिकार पुलिस कमिश्नर को मिल जाते हैं।
पुलिस कमिश्नर प्रणाली में पुलिस कमिश्नर सर्वोच्च पद होता है। पुलिस कमिश्नर को ज्यूडिशियल पॉवर भी होती है।
इस प्रणाली में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस ही मजिस्ट्रेट पॉवर का इस्तेमाल करती है।
आर्म्स एक्ट के मामले भी पुलिस कमिश्नर डील करते हैं, जो लोग हथियार का लाइसेंस लेने के लिए अवादेन करते हैं, उसके आवंटन का अधिकार भी पुलिस कमिश्नर को मिल जाता है
*जोन में बांट दिया जाता है महानगर*
पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद कमिश्नर का मुख्यालय बनाया जाता है। एडीजी स्तर के सीनियर आईपीएस को पुलिस कमिश्नर बनाकर तैनात किया जाता है। महानगर को कई जोन में विभाजित किया जाता है। हर जोन में डीसीपी की तैनाती होती है, जो एसएसपी की तरह उस जोन को मॉनिटर करता है। सीओ की तरह एसीपी तैनात होते हैं. जो 2 से चार थानों को डील करते हैं।
*लखनऊ के 40 थाना मेट्रोपॉलीटन*
लखनऊ में 40 थाना मेट्रोपॉलीटन श्रेणी में आएंगे। यहां पर एसपी रैंक के नौ अधिकारी तैनात होंगे। गौतमबुद्धनगर में डीआईजी रैंक के दो अधिकारी एडिशनल पुलिस कमिश्नर पद पर तैनात होंगे। एसपी रैंक के भी पांच अधिकारी तैनात होंगे। यहां पर दो नए थाना भी बनाए जा रहे है।
नोएडा तीन जोन में बांटा जाएगा
नोएडा में डीआईजी रैंक के दो जॉइंट कमिश्नर होंगे। नोएडा को तीन जोन में बांटा जाएगा। नोएडा में एसपी स्तर के कुल छह अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इनके साथ कुल 9 एडिशनल एसपी की भी तैनाती होगी। एसीपी के पद पर 15 डिप्टी एसपी तैनात होंगे। इसमें से 10 डिप्टी एसपी सर्किल में रहेंगे और बाकी पांच ट्रैफिक, अपराध, अभिसूचना और मुख्यालय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
*कमिश्नर के पास होंगे यह अधिकार*
पुलिस कमिश्नर को सिर्फ कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकार ही मिलेंगे। पुलिस कमिशनर के पास धारा 144, कर्फ्यू लगाना, पाबंदी की कार्रवाई, धारा 151, गैंगस्टर, जिला बदर, असलहा लाइसेंस देने जैसे अधिकार होंगे। अभी तक यह सभी अधिकार जिलाधिकारी के पास थे। कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद बार, मनोरंजन कर, होटल, सराय एक्ट से जुड़े अधिकार डीएम के पास रहेंगे।
*ऐसा होगा ढांचा*
लखनऊ में एडीजी स्तर के अधिकारी को कमिशनर बनाया गया। उनके साथ आईजी रैंक दो अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर होंगे। यह एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड आर्डर) और एडमिन की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरे शहर को पांच जोन में बांटा जाएगा, एसपी स्तर के आईपीएस ऑफिसर तैनात किए जाएंगे। चार एसपी रैंक के अधिकारी होंगे जो सुरक्षा, अभिसूचना, ट्रैफिक और क्राइम की जिम्मेदारी संभालेंगे। इन सभी एसीपी के साथ एक-एक एडिशनल एसपी तैनात होंगे। लखनऊ में डीसीपी के पद पर 26 सीओ तैनात होंगे। इनमें 14 सीओ सर्किल की और बाकी के 12 सीओ ऑफिस, ट्रैफिक, क्राइम और इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी संभालेंगे।
*बढ़ेंगे दो-दो थाने*
लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी व गोमतीनगर एक्सटेंशन दो नए थानों के गठन की मंजूरी हो चुकी है। गौतमबुद्धनगर में भी दो नए थानों के गठन का प्रस्ताव पास हो चुका है। बताया गया कि दोनों जिलों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की मंजूरी के साथ ही दो-दो नए थानों की अधिसूचना भी जारी करने की तैयारी है।
*पीपीएस अधिकारियों के बढ़ेंगे अधिकार*
लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पदोन्नति पाकर आइपीएस बने अधिकारियों व पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों को तैनाती में बराबर का मौका दिया जाएगा। कमिश्नर प्रणाली में अब पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों के पास कानून-व्यवस्था से जुड़े किसी मौके पर वह अधिकार हासिल होंगे, जिनके लिए उन्हें वर्तमान मेंं पीसीएस संवर्ग के अधिकारियों की अनुमति का इंतजार करना पड़ता है।
*इन शहरों में भी बदलेगी व्यवस्था*
प्रदेश में लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर प्रणाली बतौर पायलेट प्रोजेक्ट लागू किए जाने पर चर्चा शुरू हुई थी। माना जा रहा है कि लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में इस प्रणाली की सफलता के आधार पर अन्य बड़े शहरों में भी कदम बढ़ाए जाएंगे।
*घाघरा का नाम बदलकर होगा 'सरयू'*
अवध और पूर्वांचल के कई जिलों से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का नाम बदलकर 'सरयू' करने की तैयारी है नेपाल से होते हुए घाघरा भारत में ब्रह्मघाट पर शारदा से मिलती है और यहां से इसे घाघरा के नाम से जाना जाता है। यूपी सरकार केंद्र को नाम बदलने का प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है कैबिनेट में इसे मंजूरी मिल सकती है।
*उन्नाव में बनेगा एक और थाना*
उन्नाव में बनेगा एक और थाना। उन्नाव में कोतवाली सदर की दही चौकी को पुलिस थाने में बदलने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
*प्रयागराज में नई जिला जेल*
पुलिस विभाग के 63 जर्जर भवनों को ध्वस्त करने। प्रयागराज में बन रही नई जिला जेल की बढ़ी लागत पर सहमति हो सकती है।
सोनौली-बलिया स्टेट हाई-वे को चौड़ा करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।