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तेज हुई कटान धारा में तेजी से समाहित हो रही खेती की जमीन
July 13, 2020 • A.K.SINGH

सचिन सिंह, जमुनहा(श्रावस्ती) : बरसात थमने व नेपाल के पाहाड़ों से पानी न आने से राप्ती नदी का जलस्तर रविवार को तेजी से घट। इससे तहवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा टल गया है, लेकिन नदी का बहाव तेज होने से कटान शुरू हो गई है। राप्ती कृषि योग्य भूमि को तेजी से अपनी धारा में समाहित कर रही है।

नेपाल के पहाड़ों से लगातार राप्ती में पानी आने से 10 जुलाई को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 सेमी से 50 सेमी पहुंच गया था। इससे तटवर्ती लगभाग 30 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे। लगभाग एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। लगातार हो रही बारिश से नदी के किनारें स्थित गांवों के लोग भयभीत थे। शनिवार को बरिश थमी तो नदी का जलस्तर भी स्थिर हो गया। पूरे दिन नदी खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर स्थिर थी। रविवार को सुबह आठ बजे से ही नदी घटने लगे। सुबह जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी नीचे पहुंच गया। दोपहर 12 बजे से तीन बजे ं के बीच नदी घटकर खतरे निसान से 20 सेमी नीचे पहुंच गई। पानी कम होने से बाढ़ की आशंका से सहमे ग्रमीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन नदी का बहाव तेज होने से व मल्हीपुर थाना क्षेत्र के असरफनगर, मोहनापुर व इकौना थाना क्षेत्र में कई स्थानों पर नदी खेतों को लील रही है।