ALL State International Health
सड़कों पर उतरा आक्रोशित सिख समाज, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंजा अजमेर,सिख समाज की सुरक्षा की की गई मांग
January 9, 2020 • A.K.SINGH

पाकिस्तान (Pakistan) के ननकाना साहेब (Nankana Saheb) गुरुद्धारे पर हाल ही में हुए पथराव (Stone throwing) और तोड़फोड़ की घटना के विरोध में सोमवार को अजमेर (Ajmer) में सिख और पंजाबी समाज (Sikh and Punjabi society) सड़कों पर उतरा.

अजमेर. पाकिस्तान (Pakistan) के ननकाना साहेब (Nankana Saheb) गुरुद्धारे पर हाल ही में हुए पथराव (Stone throwing) और तोड़फोड़ की घटना के विरोध में सोमवार को अजमेर (Ajmer) में सिख और पंजाबी समाज (Sikh and Punjabi society) सड़कों पर उतरा. उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति (President) के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जमकर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए.
अल्पसंख्यक समुदाय काफी डरा सहमा है

दोपहर में करीब 12 बजे कलक्ट्रेट चौराहे पर एकत्रित हुए सिख समाज के लोगों ने घटना को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की. सिख समाज ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले हो रहे हैं. मुख्य ग्रंथी जी की बेटी को जबरन अगवा कर शादी की जा रही है. पिछले तीन दिन से ननकाना साहेब में धार्मिक रस्में नहीं निभाई देनी जा रही है. इससे वहां अल्पसंख्यक समुदाय काफी डरा सहमा है.
सिख समाज की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग

राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में अजमेर के पंजाबी समाज, सिंह सभा और सिख यूथ फैडरेशन के पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही सिख समाज की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है. राजस्थानी पंजाबी महासभा के अध्यक्ष राजेश टंडन ने राष्ट्रपति से मांग कि की वे भारत सरकार को इस मामले को संयुक्त राष्ट्रसंघ में उठाने के लिए कहें ताकि पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बने और धार्मिक स्वतंत्रता मिल सके.

कॉरिडोर खोलकर दोस्ती का नाटक कर रहा पाकिस्तान

उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ तो पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर खोलकर दोस्ती का नाटक कर रहा है और दूसरी तरफ वहां रहने वाले अल्पसंखयक समुदाय और दर्शनार्थियों पर हमले कर रहा है.

   यहां तक की ननकाना साहेब गुरुद्दारे का नाम बदलने तक की धमकी दी जा रही है. अजमेर की सिंह सभा के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबडा ने कहा कि पेशावर में सिख समाज के युवक की निर्मम हत्या कर दी गई. गुरुद्धारे में लोग डरे और सहमे हुए हैं. कीर्तन, अरदास और सेवा जैसे धार्मिक काम तीन दिन से बंद हैं. यह बेहद निंदनीय है.