ALL State International Health
कोरोना से बचाव के लिए वैक्‍सीन अभी दूर..इस दवा से जगी है उम्मीद 
May 24, 2020 • A.K.SINGH

नई दिल्ली : कोविड-19 के लिए नए टीके का निर्माण अभी नजर नहीं आ रहा ऐसे में वैज्ञानिक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अन्य बीमारियों में दी जाने वाली पुरानी दवाओं से क्या इस बीमारी की काट तैयार की जा सकती है। इस कड़ी में एंटीवायरल रेम्डेसिविर संभावित दावेदारों की सूची में सबसे आगे है।

कोविड-19 का प्रसार लगातार जारी है और दुनिया भर में इसके 52 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जबकि शनिवार तक तीन लाख 38 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में इस बीमारी को लेकर कुछ श्रेणियों की दवाओं का नैदानिक परीक्षण चल रहा है। इनमें से रेम्डेसिविर ने कोविड-19 के ठीक होने की दर तेज कर कुछ उम्मीदें जगाई हैं। इस दवा का परीक्षण शुरू में पांच साल पहले खतरनाक इबोला वायरस के इलाज में किया गया था।

130 से ज्यादा दवाओं का परीक्षण जारी

अमेरिका के एक स्वतंत्र आर्थिक थिंक टैंक मिल्कन इंस्टीट्यूट के एक ट्रैकर के मुताबिक कोविड-19 के इलाज के लिए 130 से ज्यादा दवाओं को लेकर परीक्षण चल रहा है, कुछ में वायरस को रोकने की क्षमता हो सकती है, जबकि अन्य से अतिसक्रिय प्रतिरोधी प्रतिक्रिया को शांत करने में मदद मिल सकती है। अतिसक्रिय प्रतिरोधी प्रतिक्रिया से अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।

सीएसआईआर के भारतीय समवेत औषध संस्थान, जम्मू के निदेशक राम विश्वकर्मा ने बताया, 'फिलहाल, एक प्रभावी तरीका है…वह है अन्य बीमारियों के लिए पहले से स्वीकृत दवाओं का इस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल कि क्या उनका प्रयोग कोविड-19 के लिये हो सकता है। एक उदाहरण रेम्डेसिविर का है।'

लोगों को ठीक होने में मदद दे रहा रेम्डेसिविर

विश्वकर्मा ने कहा कि रेम्डेसिविर लोगों को तेजी से ठीक होने में मदद कर रही है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों में मृत्युदर कम कर रही है। यह जीवन रक्षक हो सकती है। विश्वकर्मा ने कहा, 'हमारे पास नई दवाएं विकसित करने के लिए समय नहीं है। नई औषधि विकसित करने में 5-10 साल लगते हैं, इसलिए हम मौजूदा दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और यह देखने के लिए नैदानिक परीक्षण कर रहे हैं कि वे प्रभावी हैं या नहीं।