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एसएसपी वैभव कृष्ण के समर्थन में उतरे आईपीएस अधिकारी जसवीर सिंह
January 9, 2020 • A.K.SINGH

एसोसिएशन की बैठक बुलाने की की मांग*
     लखनऊ। गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्ण का गोपनीय पत्र लीक होने के बाद पुलिस अधिकारियों के भ्रष्टाचार के सवाल थमते नजर नहीं आ रहे। इस प्रकरण में अब निलंबित चल रहे एडीजी जसवीर सिंह का नाम भी जुड़ गया है।
  जसवीर सिंह ने आइपीएस अधिकारियों के वॉट्सएप ग्रुप में एक पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने आइपीएस एसोसिएशन की बैठक बुलाकर पूरे प्रकरण को लेकर खुली चर्चा की मांग की है। इससे पहले आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर भी मुद्दे को लेकर आइपीएस एसोसिएशन की बैठक बुलाने की मांग कर चुके हैं। एडीजी जसवीर सिंह का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा गया एक पत्र भी सामने आया है। उन्होंने दो जनवरी को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए पांच आइपीएस अधिकारियों पर लगे कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र विवेचना कराने की मांग की है। 
  जसवीर सिंह ने आरोपित अधिकारियों की जिलों में पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाया है। कहा है कि अधिकारी पद का दुरुपयोग कर जांच प्रभावित कर सकते हैं। भ्रष्टाचार मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अलग से एफआइआर दर्ज करने व उसकी विवेचना स्वतंत्र एजेंसी की एसआइटी गठित कर कराने की मांग की है। 
   बताया गया कि जसवीर सिंह ने दो जनवरी को ही स्पीड पोस्ट व ईमेल के जरिए नोएडा के थाना सेक्टर 20 के प्रभारी को तहरीर भेजकर एसएसपी गौतमबुद्धनगर वैभव कृष्ण द्वारा एक जनवरी को की गई प्रेसवार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार मामले में एफआइआर दर्ज करने की मांग की थी। 
   ध्यान रहे वैभव कृष्ण के कथित वीडियो वायरल होने के बाद उनके द्वारा शासन व वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा गया गोपनीय पत्र भी लीक हो गया था, जिसमें पांच आइपीएस अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। वैभव कृष्ण ने कथित वायरल वीडियो के मामले में नोएडा में एफआइआर दर्ज कराई थी।
    वहीं गोपनीय पत्र लीक मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया था कि पत्र की जांच एडीजी मेरठ जोन कर रहे हैं। साथ ही वैभव कृष्ण से पत्र लीक करने के संबंध में स्पष्टीकरण भी तलब किया गया था। वैभव कृष्ण अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं।
   1992 बैच के आइपीएस अधिकारी जसवीर सिंह को फरवरी 2019 में निलंबित किया गया था। दरअसल, एक निजी बेवसाइट को दिये गए साक्षात्कार में सरकार की नीतियों, कार्यप्रणाली व मुख्यमंत्री को लेकर दिए गए बयानों को लेकर जसवीर सिंह सुर्खियों में आए थे। इसके बाद जसवीर सिंह बिना बताये अवकाश पर चले गये थे, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति नहीं ली गई थी।
    इसी मामले में जसवीर सिंह को नोटिस दी गई थी और कोई उत्तर न देने पर उन्हें फरवरी 2019 के दूसरे सप्ताह में निलंबित कर दिया गया था। वह एडीजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर तैनात थे।