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बस्ती मे महंत ने साध्‍वी को बंधक बनाकर किया यौन शोषण
February 12, 2020 • A.K.SINGH


संतकुटीर आश्रम डमरुआ बस्ती के महंत स्वामी सच्चिदानंद उर्फ दयानंद और उनके सहयोगियों पर एक और साध्वी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। युवती सहयोगियों संग मंगलवार को एसपी बस्ती से मिली और कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र दिया।बस्ती जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली संत कुटीर आश्रम की साध्वी का आरोप है वर्ष 2007 में सच्चिदानंद और उनके शिष्य गांव आए और उनकी मां को भ्रमित कर उसे अपने साथ साध्वी बनाने के लिए लेकर चले गए। उसके साथ उसके भाई को भी ले आए। 2007 से 2012 तक सच्चिदानंद और उसके सहयोगी विभिन्न आश्रमों में घुमाते रहे। 2012 में उसे संतकुटीर आश्रम बस्ती लाया गया और शक्ति प्रदान करने के नाम पर उसका यौन शोषण किया गया। विरोध करने पर महंत की महिला सहयोगियों ने उसे मारा पीटा और कहा कि अब उसे आश्रम के सभी पुरुषों से शक्ति प्रदान करना होगा।आरोप है कि महंत ने तीन दिन तक उसका यौन शोषण किया। चार माह तक उसे वहां बंधक बनाकर कई लोगों ने यौन शोषण किया। नवंबर 2017 में वह गर्भवती हो गई तो सच्चिदानंद की महिला सहयोगियों ने उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद उसे व उसके भाई को नवादा बिहार स्थित आश्रम ले जाया गया। वहां बंधक बनाकर उनकी हत्या करने का प्लान आरोपितों ने बनाया। इसी बीच उसकी मां ने लालगंज थाने में आरोपितों के विरुद्ध अपहरण और हत्या का मुकदमा पंजीकृत करा दिया।मुकदमा दर्ज होने की जानकारी होते ही सच्चिदानंद व उसके सहयोगियों ने उसके भाई की हत्या की धमकी देकर अपने शिष्यों के साथ बस्ती न्यायालय में बयान दर्ज करवाया गया। उसे नवादा आश्रम लाया गया। वहां उसको और उसके भाई को बहुत मारा पीटा गया। वह जान बचाकर किसी तरह भाग आई। इसी बीच उसके भाई जो बंधक बनाए गए थे, उसे जेल भिजवा दिया। एसपी ने कहा कि साध्वी उनसे मिलीं जरूर थी, मगर उन्होंने संतकुटीर आश्रम के पुराने मामलों के संबंध में बात की। अपने यौन शोषण के संबंध में कोई बात नहीं की।संत कुटीर आश्रम डमरुआ की तीन साध्वियों ने आश्रम के महंत सच्चिदानंद उर्फ दयानंद, उसके सहयोगियों के विरुद्ध पूर्व में यौन शोषण के दो मामले दर्ज कराए हैं। 19 दिसंबर की शाम को दो युवतियों ने आश्रम के महंत सच्चिदानंद उर्फ दयानंद और उनके सहयोगियों पर यौनशोषण का आरोप लगाकर सनसनी फैला दिया था। उनका आरोप था कि आश्रम में उनका यौनशोषण किया जाता था। प्रतिरोध करने पर मारा पीटा जाता था। मामले में पीडि़ताओं की तहरीर पर सच्चिदाननंद, परमचेतानंद पुत्र अज्ञात, विश्वासानंद पुत्र अज्ञात, ज्ञान बैराग्यानंद पुत्र अज्ञात, प्रमिला बाई पुत्री अज्ञात, कमला बाई पुत्री अज्ञात निवासी संत कुटीर आश्रम के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया। इसी दौरान 26 दिसंबर को एक और पीडि़ता सामने आई। उसने आश्रम के संचालक सच्चिदानंद सहित चार महिला सहयोगियों पर यौनशोषण का मुकदमा पंजीकृत कराया था।