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26 सितंबर को सूर्य कर रहा है इस खास नक्षत्र में प्रवेश, इन लोगों के जीवन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
September 26, 2020 • A.K.SINGH

सूर्यदेव के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से किस नक्षत्र या नामाक्षर वाले लोगों पर क्या असर होगा और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए आचार्य रुपाली सक्सेना से ।

     अधिक आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और शनिवार का दिन है | दशमी तिथि आज शाम 7 बजे तक रहेगी | साथ ही आज पूरा दिन पार कर देर रात 12 बजकर 29 मिनट पर सूर्यदेव हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 10 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट तक यहीं पर रहेंगे। हस्त तेरहवां नक्षत्र है | ये नक्षत्र शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में से एक है | इस दौरान किये गये सभी कार्यों का शुभ फल प्राप्त होता है।

     हस्त नक्षत्र का अर्थ होता है- हाथ और इसी के अनुसार हस्त नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह हमारी हथेली को माना जाता है, जो कि सीधे तौर पर हमारे भाग्य को दर्शाती है | हस्त नक्षत्र हमारे भाग्य को उज्ज्वल करने वाला है | हस्त नक्षत्र को हमारे जीवन में परिश्रम करने की क्षमता, विशेषकर कि हाथ की कला से किये जाने वाले कार्यों के साथ जोड़कर देखा जाता है | दरअसल कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर सूर्य एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसका असर हम पृथ्वी पर रहने वाले लोगों पर भी पड़ता है। जिसकी चर्चा हम आगे करेंगे। 

    वहीं शाम 7 बजकर 26 मिनट तक रवि योग रहेगा | सूर्य के प्रभाव वाला ये योग बहुत ही प्रभावशाली है | इस योग में किये गये कार्य को कोई भी बिगाड़ नहीं सकता। बल्कि सब अच्छा ही अच्छा होता है। रवि योग व्यक्ति को अपने अंदर पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करता है। इस दौरान किये गये कार्यों से सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। इस दौरान खरीददारी करना भी बड़ा ही शुभ होता है।

सूर्यदेव के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से किस नक्षत्र या नामाक्षर वाले लोगों पर क्या असर होगा और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए आचार्य रुपाली सक्सेना

से। 

हस्त, चित्रा और स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग

     जिन लोगों का जन्म हस्त, चित्रा या स्वाति नक्षत्र में हुआ हो और जिन लोगों के नाम का पहला अक्षर प, ठ, र या त हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक फायर, यानी अग्नि से संबंधित चीज़ों के साथ सावधानी पूर्वक काम करना चाहिए। साथ ही इलैक्ट्रिकल चीज़ों को भी संभलकर यूज़ करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिये 10 अक्टूबर तक के लिये ये प्लान टाल देना अच्छा होगा। साथ ही सूर्यदेव की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये अपने घर की खिड़की, दरवाजे खोलकर रखें, ताकि घर में सूर्यदेव का उचित प्रकाश बना रहे।  इस प्रकार सूर्यदेव की कृपा से आपको अशुभ स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।  

विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में जन्मे लोग
     जिन लोगों का जन्म विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम त, य, न या भ अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक कुछ बोरिंग सा महसूस होगा। इस दौरान आपके काम कुछ धीमी गति से होंगे, जिससे आपके जीवन की गाडी कुछ थम –थमकर चलेगी। अतः इस दौरान अपने जीवन की गति को तेज करने के लिये आपको रात को सोते समय अपने सिरहाने पर पांच बादाम रखकर सोएं और अगले दिन उन बादाम को किसी मन्दिर या धर्मस्थल पर दान कर दें।

विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में जन्मे लोग
     जिन लोगों का जन्म पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण या धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर भ, ध, फ, ज, ख या ग हो, उन लोगों के जीवन में 10 अक्टूबर तक स्टेबिलिटी बनी रहेगी। इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, वो लंबे समय के लिये स्टेबल होंगे, यानी स्थिर होंगे। अतः अपने काम की स्टेबिलिटी को बनाये रखने के लिये घर में पीतल के बर्तन का इस्तेमाल करें।

शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जन्मे लोग

 जिन लोगों का जन्म शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद या उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर ग, स, द या झ हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक खूब सारी लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। आपके धन संग्रह में अचानक से बढ़ोतरी हो सकती है। इस स्थिति को सुनिश्चित करने के लिये और देवी लक्ष्मी की कृपा अपने ऊपर बनाये रखने के लिय घर से बाहर निकलते समय या कोई खास काम शुरू करने से पहले थोड़ा मीठा खाकर,पानी पीएं ।     

रेवती, अश्विनी, भरणी या कृतिका नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म रेवती, अश्विनी, भरणी या कृतिका नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम द, च, ल, अ, ई, उ या ए अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को अपने जीवन में 10 अक्टूबर तक अप्रतिम लाभ देखने को मिलेंगे। आपको अचानक से बहुत सारे लाभ के अवसर मिलेंगे। अतः इस स्थिति को बरकरार रखने के लिये मन्दिर में बाजरा दान करें और कुत्ते को रोटी डालें।

 रोहिणी, मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे लोग
     जिन लोगों का जन्म रोहिणी, मृगशिरा या आर्द्रा नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर व, क, घ या छ हो, उन लोगों के जीवन में कुछ परेशानी आ सकती है। घर के मुखिया को कुछ कष्ट उठाना पड़ सकता है। अतः 10 अक्टूबर तक इस परेशानी से बचने के लिये और अपनी बेहतरी सुनिश्चित करने के लिये  किसी जरूरतमंद को भोजन खिलाएं और पक्षियों को दाना डालें।

पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा या मघा नक्षत्र में जन्मे लोग
   जिन लोगों का जन्म पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा या मघा नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम क, ह, ड या म अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को फाइनेंशियल लॉस का सामना करना पड़ सकता है। 10 अक्टूबर तक आपको पैसों के मामले में समझदारी से काम लेना चाहिए। साथ ही अपनी स्थिति को ठीक करने के लिये  10 अक्टूबर तक नित्य रूप से सूर्यदेव को अर्घ्य दीजिये और  इस मंत्र का जाप कीजिए। ‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः'

पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र  में जन्मे लोग
 जिन लोगों का जन्म पूर्वाफाल्गुनी या उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम म, ट या प अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को आज से 10 अक्टूबर तक के बीच रोग या पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है। छोटी-छोटी चीज़ों के प्रति आपके अंदर भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः इस स्थिति से बचने के लिये और जीवन में बेहतरी लाने के लिये मन्दिर में सूखा नारियल या नारियल का तेल दान करें। साथ ही ध्यान रहे इस दौरान किसी से दान में कोई भी वस्तु न लें। अगर गलती से या मजबूरी वश लेनी पड़ जाये, तो 10 अक्टूबर तक उसका इस्तेमाल करने से बचे रहें।